top of page
  • Facebook
  • Twitter
  • YouTube
Bhishma Prakashan Logo.png
Q.jpg

प्रकाशन-पूर्व छूट पर पंजीकरण शुरू...! अभी पंजीकरण करें...!

Website Thumbnail.jpg
White Brick Wall
Grey Brick Wall

📕 पृष्ठसंख्या  :  296

✔️ साईज : 5.5 x 8.5

✔️ भाषा : हिन्दी

💸 MRT : रु. 2100/- 

✔️ प्रकाशनपूर्व छूट : रु. 349/- (Home Delivery)

📅प्रकाशन पूर्व छूट पंजीकरण : 15 अगस्त 2026 तक

White Brick Wall

दैशिक शास्त्र - राष्ट्र की चिरंतन समृद्धी का रहस्य 

  • प्रेरक : लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक

  • प्रकटकर्ता : श्री १०८ सोमबारी जी महाराज

  • लेखक : बद्रीशाह ठुलघरिया

  • सरल रूप संपादक : सिद्धार्थ कौशिक
     

आज से 105 से भी अधिक वर्षों पूर्व, जब भारत स्वतंत्रता के मार्ग पर अग्रसर था, तब लोकमान्य बालगंगाधर ‘तिलक’ ने विचार करना प्रारंभ किया कि स्वतंत्रता के उपरान्त देश, समाज तथा देश का नागरिक किस प्रकार से मार्गदर्शित हो, उसका स्वरूप, संचालन एवं वैचारिक दृष्टिकोण कैसा हो, उसका उद्देश्य क्या हो।
‘तिलक’ का विश्वास था कि शिक्षा ही स्वराज्य की नींव है। उनका मत था कि अंग्रेज़ी शिक्षा पद्धति केवल क्लर्क तैयार करती है, राष्ट्रनिर्माता नहीं। उनका मानना था कि केवल निवेदन और याचना से स्वतंत्रता नहीं मिलेगी—इसके लिए संघर्ष, बहिष्कार और प्रतिरोध आवश्यक है। लोकमान्य ‘तिलक’ के अनुसार स्वतंत्रता केवल सत्ता परिवर्तन नहीं है, यह आत्मा की मुक्ति है।
मैकाले भूरी खाल में गोरी सोच डालने के प्रयास में सफल होता दिख रहा था।
ऐसे में आवश्यकता थी एक ऐसे विचार की, एक ऐसी सोच की, एक ऐसे ग्रंथ की जो जन-जन को प्राप्त हो, जो जन-जन का प्रत्येक स्थिति में मार्गदर्शन कर सके और जिससे परम शक्तिशाली समाज एवं व्यक्तित्वों का निर्माण हो सके।
ऐसे विचारों के विक्षोभ में ‘तिलक’ जी ने अल्मोड़ा, उत्तराखंड में एक गुप्त दल तैयार किया जिसमें उन्होंने राष्ट्र पर अपने को न्यौछावर कर देने वाले, तात्कालिक समय की आधुनिक शिक्षा में शिक्षित, ऐसे क्रांतिकारियों को रखा जो भारतीय ज्ञान परंपरा के अनुयायी भी थे। ऐसे ही एक गुप्त दल का प्रतिनिधित्व कर रहे थे परम पूज्य श्री १०८ सोमबारी जी महाराज। लोकमान्य ‘तिलक’ ने उन्हें एक ऐसे शास्त्र को तैयार करने का दायित्व दिया, जो स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात व्यक्ति, समाज एवं राष्ट्र निर्माण का आधार बने।
इस शास्त्र को नाम दिया गया —“दैशिक शास्त्र”!

Vishnu_statue_transparent.png

वरील बटन क्लिक करुन पुस्तकाची ऑनलाईन नोंदणी करा.

ऑगस्ट महिन्याच्या पहिल्या आठवड्यात पुस्तक आपल्याला घरपोच मिळेल.

Payment Options: All Debit / Credit Cards / Int Banking / UPI Apps / Wallets

White Brick Wall
Grey Brick Wall

पुस्तकाची माहिती व्हॉट्सअ‍ॅपवर मागवण्यासाठी 9503864401 या क्रमांकावर Angkor Book असा मेसेज पाठवा.

चौकशी / माहितीसाठी संपर्क

मोबाईल : 7507207645 / व्हॉट्सअ‍ॅप: 9503864401 

ईमेल: bhishmaprakashan@gmail.com

कार्यालय : भीष्म प्रकाशन

६२२, जानकी रघुनाथ, पुलाची वाडी, झेड ब्रिज जवळ, हनुमान चौक, डेक्कन जिमखाना, पुणे - ४११००४

सोम ते शनि - सकाळी १०:३० ते सायं. ७ वा.

© भीष्म प्रकाशन | Bhishma Publication |  भीष्म स्कूल ऑफ इंडिक स्टडीज का अधिकृत प्रकाशन | Indian Knowledge System

६२२, जानकी रघुनाथ, पुलाची वाडी

डेक्कन जिमखान, पुणे - ४११००४ भारत

Call / WhatsApp : ९५०३८६४४०१ 

​Email: namaste@bhishmaprakashan.com

Shop

Socials

bottom of page